समान नागरिक संहिता (UCC) भारत में एक प्रस्ताव है जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत कानून बनाना और लागू करना है जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे उनका धर्म, लिंग या यौन रुझान कुछ भी हो। वर्तमान में, भारत में व्यक्तिगत कानून प्रत्येक समुदाय के लिए विशिष्ट धार्मिक ग्रंथों द्वारा शासित होते हैं। समान नागरिक संहिता की अवधारणा भारतीय राजनीति में एक विवादास्पद मुद्दा रही है, जिसमें धर्मनिरपेक्षता, धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता को लेकर बहस होती है। यह लेख UCC, इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके कार्यान्वयन के आसपास चल रही चर्चाओं का अवलोकन प्रदान करता है। Join Our WhatsApp Group Join Now Join Our Telegram Group Join Now Join Our Instagram Join Now आपके मन में भी यह सवाल जरूर होंगे : यूनिफॉर्म सिविल कोड: धार्मिक समुदायों पर क्या पड़ेगा असर? यूनिफॉर्म सिविल कोड: भारतीय समाज पर अवधारणा का प्रभाव यूनिफॉर्म सिविल कोड: संविधानिक दिशानिर्देश और सामान्य संविधान की उपयोगिता यू...
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